अमित शर्मा

रंगकर्मी के तौर पर बचपन में ही प्रोफेशनल हो गए. 10 साल की उम्र से प्रोफेशनल थिएटर की शुरुआत. नेशनल चैनल्स पर सीरियल्स, फिल्मस में चाइल्ड आर्टिस्ट की भूमिका. दूरदर्शन में 10 साल की उम्र से एंकरिंग में नजर आने लगे. अखबारों में कभी नाटकों की तस्वीर तो कभी कविताओं का छपना शुरू हुआ. देश के हर बड़े थिएटर में मंचन का मौका मिला. 2004 में यूरोप के इस्तोपोलीताना थिएटर फेस्ट में भारत की ओर से प्रतिनिधित्व. पत्रकारिता में पहले ही दिन से अपने जोश जुनून और ईमानदारी के लिए जाने जाते हैं. वाउचर, गिफ्ट्स की मुखालफत के साथ ओनेस्ट जर्नलिज्म का कैंपेन चलाने का श्रेय. मोटीवेटर के रूप में पहचान. अब तक 11 किताबों का प्रकाशन. भारत सरकार से फेलोशिप अवार्डेड जर्नलिस्ट. अब तक 1500 से ज्यादा इंटर्न्स को ट्रेनिंग देने का श्रेय. देश के पहले वैब न्यूज टीवी का कॉन्सेप्ट लाने वाले संपादक होने का श्रेय (दैनिक भास्कर). एशिया के पहले मोजो (मोबाइल जर्नलिज्म) चैनल के फाउंडेशन प्लानिंग से लेकर लॉन्चिंग टीम का बतौर आउटपुट हैड हिस्सा. जर्नलिज्म की चारों विधाओं, प्रिंट, टीवी, ऑनलाइन और रेडियो में काम कर चुके हैं. लाइव रिपोर्टिंग और बेहतर कॉपी के लिए जाने जाते हैं. सोशल वर्क में सक्रिय. देशभक्ति के कई मोटिवेशनल मूमेंट्स चला रहे हैं. ओनेस्ट जर्नलिज्म कैंपेन पर काम. ऑर्गन डोनेशन मोटिवेशन में सक्रिय. नियमित रूप से SDP (ब्लड) डोनेशन में सक्रिय. ध्येय वाक्य- सिर्फ काम ही काम आएगा.